्रभाजपा सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर की नारेबाजी
्रकार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित
्रप्रतिपक्ष भाजपा ने गरीबों से मकान छिनने का लगाया आरोप
्रआसंदी से मामले की जांच सदन की कमेटी से कराये जाने की मांग की
रायपुर, 14 दिसंबर 2021 (ए)। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रतिपक्ष भाजपा ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के निर्माण का मुद्दा जोरशोर से उठाया। इस मुद्दे पर प्रतिपक्ष भाजपा के विधायकों ने राज्य सरकार पर गरीबों का मकान छिनने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्यांश उपलब्ध नहीं कराने के कारण केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार को योजना से बाहर कर दिया है जिसके कारण प्रदेश को 12 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। इस मामले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि केन्द्र से राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रदेश में यह स्थिति निर्मित हुई है। मंत्री के इस जवाब को असंतोषजनक बताते हुए भाजपा सदस्यों ने इस मामले की जांच सदन की कमेटी से कराये जाने की मांग की। आसंदी द्वारा इसकी स्वीकृति नहीं दी, जिसके बाद भाजपा सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर नारेबाजी करना शुरू कर दिये और स्वयंमेव सदन से निलंबित हो गए। निलंबन के बाद भी भाजपा विधायकों का सदन में हंगामा जारी रहा, जिसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भाजपा दल से अजय चंद्राकर ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत निर्मित आवासों का मुद्दा उठाया। उन्होंने विभागीय मंत्री श्री सिंहदेव से पूछा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कितने हितग्राहियों को आवास आबंटित करने का लक्ष्य रखा गया है और कितनी केन्द्रांश व राज्यांश राशि की आवश्यकता होगी। इनमें 30 अक्टूबर 2021 तक कितने आवास स्वीकृत हुए है। इसके जवाब में पंचायत मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बताया कि प्रश्रावधि में केन्द्र सरकार द्वारा 781999 हितग्राहियों को आवास आबंटित करने का लक्ष्य रखा गया था जिसे भारत सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा लक्ष्य का निर्णय विचाराधीन होने के कारण केन्द्रांश एवं राज्यांश की आवश्यकता का आंकलन करना संभव नहीं है। 30 अक्टूबर 2021 तक कोई भी आवास स्वीकृत नहीं हुए है।
श्री सिंहदेव ने बताया कि 30 अक्टॅूबर 21 की स्थिति में वर्ष 2019-20 में राज्यांश राशि 762.81 करोड़ व केन्द्रांश की राशि 1144.21 करोड़ की आवश्यकता थी जिसके विरूद्ध राज्यांश अप्राप्त है तथा केन्द्रांश की राशि 843.81 करोड़ रूपये प्राप्त हुई है। वर्ष 2020-21 में राज्यांश राशि 800 करोड़ व केन्द्रांश राशि 1200 करोड़ र ूपये की आवश्यकता थी जिसके विरूद्ध राज्यांश एवं केन्द्रांश की राशि अप्राप्त है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 का लक्ष्य भारत सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है, जिसके कारण केन्द्रांश एवं राज्यांश की आवश्यकता का आंकलन करना संभव नहीं है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री से कहा कि मुझे मिली जानकारी के अनुसार कोरोना से पहले केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत राशि पहले राज्यों को भेजा करती थी, उसके बाद राज्यों द्वारा अपनी राशि लगाकर आवासों का निर्माण कराती थी, लेकिन कोरोना आने के बाद से केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों से पहले राज्यांश उपलब्ध कराती है फिर केन्द्रांश दिया जाता है। श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा राज्यांश उपलब्ध नहीं कराने के कारण केन्द्र्रांश नहीं मिला, जिसके कारण गरीबों का आवास यहां बन नहीं पाये।
इसके जवाब में मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि आवास नहीं बनने के कई कारण है एक कारण कोरोना है, वहीं दूसरा कारण केन्द्रांश का नहीं मिलना है। उन्होंने कहा कि अगर केन्द्रांश राशि की उपलब्धता नहीं होगी तो हम काम कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही लोन ले चुका था और इस योजना के लिए अतिरिक्त लोन लेना पड़ रहा है। श्री सिंहदेव ने कहा कि हमने लोन लेने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है जिसे लेकर हमने केन्द्र सरकार से अनुरोध भी किया था कि वे केन्द्रांश जारी कर दें लेकिन इसके बावजूद केन्द्र सरकार ने पैसे जारी नहीं किए। उन्होंने कहा कि अगर केन्द्र सरकार द्वारा ही राज्य को राशि जारी नहीं करेगा तो कौन सा राज्य इस योजना पर काम कर पायेगा।
भाजपा विधायक श्री चंद्राकर ने इस पर कहा कि अगर केन्द्र सरकार पैसा नहीं दे रही है तो क्या राज्य सरकार द्वारा केन्द्र की अन्य योजनाओ की राशि भी वापस करेगी। इस पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा विधायक को टोकते हुए कहा कि सदन में जितना बोल रहे हो उतना ही अगर प्रधानमंत्री को बोलते तो केन्द्रांश जारी हो जाता।
भाजपा विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में स्वीकार किया है कि राज्य सरकार ने अब तक 51 हजार करोड़ के लगभग ऋण लिया हुआ है। दो-तीन साल में इतना ऋण लेकर राज्य सरकार ने पहले ही ऋण लेने की सीमा तोड़ चुकी है तो फिर गरीबों के मकानों के लिए क्या ऋण नहीं लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या राज्य सरकार बजट में शामिल अन्य मदों की राशि या स्रोतो से आवास बनायेंगे।
इस पर मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि अगर केन्द्र सरकार द्वारा राशि जारी करती है तो हम ऋण लेकर राज्यांश जारी कर आवासों का निर्माण करायेंगे। उन्होंने अपने उत्तर में वित्तीय कमी के कारण अधूरे निर्माणों की संख्या की स्पष्ट जानकारी देते हुए प्रतिपक्ष के इस आरोप को भी खारिज किया कि इस योजना के अधिकांश मकान खंडहर हो गये है।
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सवाल करते हुए कहा कि इस योजना अंतर्गत केन्द्र से पहली व दूसरी किश्त राशि जारी होने के बाद भी लगभग दो से ढाई लाख मकान अधूरे है। इन अधूरे आवासों का निर्माण के लिए क्या राज्य सरकार राशि जारी करेगी। इसके जवाब में भी मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि केन्द्रांश मिलते ही योजना के लिए राज्यांश की किश्ते जारी की जाएगी। इस प्रश्र में सहभागिता करते हुए विधायक कैशव चंद्रा ने जब प्रश्र किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे कहा कि वे अपना प्रश्र छत्तीसगढ़ी भाषा में पूछिए। जिसके बाद कैशव चंद्रा ने अपना प्रश्र छत्तीसगढ़ी भाषा में पूछा जिसका जवाब पंचायत मंत्री श्री सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ी भाषा में ही दिया।
मंत्री द्वारा दिए गए उत्तरों को असंतोषजनक बताते हुए भाजपा सदस्यों ने इस मामले की जांच सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की । भाजपा सदस्यों की मांग पर आसंदी से स्वीकृति नहीं मिलने पर भाजपा सदस्यों ने हंगामा करते हुए आसंदी के गर्भगृह में चले गए और नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद सभी भाजपा सदस्यों को नियमो का हवाला देते हुए निलंबन करते हुए सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया और सदन की कार्यवाही प्रश्रकाल पूरा होने तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होते ही सदन के अंदर गर्भगृह में बैठे भाजपा सदस्यों ने फिर नारेबाजी शुरू कर जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur