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बैकुण्ठपुर@दो धान खरीदी केंद्रों में एक साथ पकड़ी गई गड़बड़ी,कार्यवाही एक पर क्यों?

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बैकुंठपुर के सलका धान खरीदी केंद्र गड़बड़ी मामले में एफआईआर दर्ज पर जामपारा के वायरल वीडियो में दिखी गड़बड़ी पर एफआईआर क्यों नही?

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 14 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। दो धान खरीदी केंद्रों में एक साथ पकड़ी गई गड़बड़ी, कार्यवाही हुई केवल एक पर क्यों? बैकुंठपुर के सलका धान खरीदी केंद्र गड़बड़ी मामले में एफआईआर दर्ज, जामपारा धान खरीदी केंद्र के वायरल वीडियो दिखी गड़बड़ी पर एफआईआर क्यों नही? जामपारा धान खरीदी केंद्र मामलें में कार्यवाही नहीं होने की वजह आखिर क्या है? जामपारा मामलें में अध्यक्ष ने की कार्यवाही, क्या अध्यक्ष को है कार्यवाही का अधिकार? जामपारा मामलें में आदेश में अध्यक्ष व प्रबंधक के हस्ताक्षर एक ही होने से उठ रहे सवाल।
जिले में जारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व प्रशासनिक निरीक्षण के बीच धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी जारी है और लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रहीं हैं। ताजा मामला बैकुंठपुर विकासखण्ड के दो धान खरीदी केंद्रों से जुड़ा हुआ जहां दोनों ही जगहों पर गड़बड़ी पकड़ी गई लेकिन एक मामले में एफआईआर की गई जबकि दूसरे मामलें में समिति के अध्यक्ष ने कार्यवाही कर गड़बड़ी को आया गया कर दिया। बताया यह भी जा रहा है कि धान खरीदी केंद्र मामलें में अध्यक्ष को कार्यवाही करने का अधिकार नहीं है जबकि जामपारा में कार्यवाही अध्यक्ष ने की है जिसे गलत बताया जा रहा है, जबकि धान खरीदी केंद्र जामपारा की गड़बड़ी सोशल मीडिया में भी वायरल हुई है। पर अधिकारी सलका धान खरीदी केंद्र मामलें में गड़बड़ी को लेकर जिस तरह एफआईआर दर्ज की गई और जिन धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया अब वैसा ही मामला जामपारा मामलें में दर्ज हो यह भी मांग उठ रही है क्योंकि दोनों ही जगहों की गड़बçड़यां एक ही तरह की हैं।

अध्यक्ष व प्रबंधक का हस्ताक्षर एक कैसे?

जामपारा सोसाइटी के मामले में एक चीज और सामने आई है जो काफी चौंकाने वाली है जामपारा सोसाइटी के अध्यक्ष व समिति प्रबंधक अलग-अलग है फिर हस्ताक्षर एक कैसे? दो पत्र मिले हैं एक में अध्यक्ष ने कार्यवाही की उस पत्र का हस्ताक्षर व एक और पत्र जिसमें समिति प्रबंधक बनकर कोरिया कलेक्टर को लिखा गया है इन दोनों पत्र में हस्ताक्षर एक ही देखा जा रहा है, ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब अध्यक्ष व प्रबंधक अलग अलग व्यक्ति हैं तो ऐसी स्थिति में उनके हस्ताक्षर एक कैसे? क्या यह एक जैसे हस्ताक्षर धोखाधड़ी की ओर इशारा नहीं करता? एक विषय यह भी सुनने को मिल रही है कि अध्यक्ष व प्रबंधक के हस्ताक्षर एक ही हैं और पत्र अलग अलग जारी किए गए हैं।

नए समिति प्रबंधक को मिली जिम्मेदारी

सलका धान खरीदी केंद्र गड़बड़ी मामलें में प्रबंधक पर कार्यवाही के बाद अब समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर को प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है और वह क्षेत्रीय विधायक के खास समर्थक हैं जिसके कारण ही उनको जिम्मेदारी मिली यह भी लोगों का कहना है। लोगों ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में प्रबंधक बनने की ललक में भी आपसी प्रतिस्पर्धा की वजह से ऐसी कार्यवाहियों का होना देखा जाता है क्योंकि यदि एक जैसी प्रवृति की गड़बडी में एक केंद्र में कार्यवाही और दूसरे में कार्यवाही नहीं किया जाना जिससे स्पष्ट होता है कि प्रबंधक पद का मामला भी हो सकता है इसके पीछे।

सलका धान खरीदी गड़बड़ी मामलें में की गई बड़ी कार्यवाही

सलका धान खरीदी केंद्र में ट्रैक्टर से सीधे धान को धान के चट्टे में चढ़ाए जाने के मामलें में बड़ी कार्यवाही की गई है, मामलें में आईपीसी की धारा 120 बी, 188, 409, 511 के तहत समिति के प्रबंधक सहित प्रभारी मंत्री की तरफ से निगरानी समिति हेतु अनुसंशित सदस्य के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उक्त मामलें में कुछ और अन्य समिति कर्मचारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है।

धान खरीदी मामलें में पहली बार निगरानी समिति के सदस्य पर ही हुई कार्यवाही

धान खरीदी केंद्रों में छुटपुट कार्यवाहियां भले ही हमेशा देखीं गईं हों लेकिन प्रभारी मंत्री द्वारा नियुक्त निगरानी समिति के सदस्य पर भी एफआईआर दर्ज होने वह भी गंभीर कानूनी धाराओं के साथ दर्ज होने का यह पहला मामला है। धान लेकर खरीदी केंद्र पहुँच रहे किसानों में भी अब भय देखा जा रहा है क्योंकि जरा सी भी भूलचूक हुई और कुछ भी गड़बड़ी गलती से भी पाई गई तो कहीं उन्हें भी ऐसी ही कानूनी कार्यवाहियों का सामना न करना पड़े जिससे किसान भी अब चिंतित नजर आ रहें हैं।

पहली बार किसान के ऊपर एफआईआर की कार्यवाही से किसान भयभीत

जिले में किसी धान खरीदी केंद्र पर पहली बार किसी किसान पर धान बेचते समय गड़बडी के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है वहीं इस एफआईआर से अब किसान भी भयभीत हैं,क्योंकि गड़बडी पहले भी धान खरीदी के समय होती आई और धान जब्त कर किसानों को अन्य तरीकों से दंडित भी किया गया लेकिन एफआईआर दर्ज होने की वजह से अन्य किसान भी अब समिति की तरफ आने से पहले डरते नजर आ रहें हैं।

किसानों पर एफआईआर किसानों को डराकर कम धान खरीदने का अभियान

किसान मोर्चा भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल ने पूरे मामले पर कहा है कि किसी किसान की गलती पर उसके ऊपर गंभीर मामलों के तहत एफआईआर दर्ज किया जाना गलत है और यह सरकार के द्वारा कम धान खरीदी के अभियान को पूरा करने जैसा है, यदि किसी किसान से गलती हुई तो उसे किसी अन्य दंड से दंडित किया जाना चाहिए इस तरह की एफआईआर से अन्य किसान भी भयभीत होंगे और धान खरीदी पर विपरीत असर पड़ेगा।


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