रायपुर, 13 दिसंबर 2021 (घटती-घटना )। रावण की लंका पर भगवान राम ने वानर भालुओ की सेना के साथ हमला किया था मगर रावण ने भी लंका की वैसी कीलबन्दी नही की थी जैसी कि हिंदुस्तान के ही किसानों को दुश्मन समझकर प्रधानमंत्री और भाजपा की सरकार ने कर डाली। छत्तीसगढ़ के कृषिमंत्री रविंद्र चौबे ने यह बेबाक टिप्पणी एक चैनल पर पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा किसान आंदोलन पर लगाये गए आरोप के उत्तर में की। उंन्होने कहा कि वह किसान आंदोलन की समाप्ति को मोदी सरकार की हार नही कहते पर यह किसानों की जीत जरूर है।बृजमोहन अग्रवाल ने जब कहा कि विपक्षी दलों के उकसावे पर किसानों ने दिल्ली हरियाणा पंजाब यूपी के बॉर्डर्स को जाम करके सम्बंधित क्षेत्रो की जनता को त्रस्त कर दिया था,तो रविंद्र चौबे ने कहा कि ऐसी ही सोच रखने के कारण प्रधानमंत्री को किसानों से माफी मांगनी पड़ी। कृषिमंत्री ने मोदी सरकार पर किसान और खेती के दुर्लक्ष्य का आरोप लगाते हुए कहा कि खुद प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में किसानों को धान का भाव एक हजार रुपए भी बमुश्किल मिल पा रहा है जबकि हमारे छत्तीसगढ़ के किसानों को हमारी कांग्रेस सरकार से 2500 रु का भाव मिल रहा है जो देश मे सबसे ज्यादा है।केंद्र सरकार की खुन्नस के चलते जूट कमिश्नर ने पांच लाख से भी ज्यादा गठान बारदानों की मांग किये जाने के बावजूद डेढ़ लाख गठानें भी पूरी नही दी फिर भी छग सरकार एक करोड़ मीट्रिक टन से भी ज्यादा धान किसानों से लेने के लिए तैयार है। बारदानों की कमी आड़े नही आसकती।बाजार से बारदाने खरीदने के लिए सरकार न सिर्फ पैसे दे रही है बल्कि पुराने बारदानों में भी धान ला सकने की छूट किसानों को दी गई है।
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