कोयला तस्करी करने का संदेह,जरूरी दस्तावेज न दिखाने पर होगी कार्रवाही
-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,07 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। क्षेत्र में इन दिनों कोयला तस्करी से लेकर चोरी होना प्रत्येक वर्ष की कहानी सी हो गयी है। कोयला चोरी के नये-नये तरकीब से चोरी की वारदात पर सम्बन्धित विभाग नाकाम रहा है। इसी कड़ी में 5 दिसम्बर को खनिज विभाग ने झिलमिली, पाण्डवपारा एसईसीएल में कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की चेकिंग की जिस पर कोल टांसर्पोटर के द्वारा क्षमता से अधिक भार के साथ कोयला परिवहन करते पाया गया और वाहनों में कोयला परिवहन सम्बन्धित दस्तावेज नही होने से इन वाहनों को पटना थाना परिसर में खड़ी करायी गयी।
जानकारी के अनुसार एसईसीएल झिलिमिली एवं पाण्डवपारा कोयला खदान से उत्पादित कोयले को पटना के कटोरा साईडिंग तक कोल ट्रान्सपोर्टिंग में चलने वाले वाहनों में ओवर लोडिंग और बिना पीट पास के कोल ट्रान्सपोर्टिंग और कोयला चोरी का खेल जमकर चल रहा है। कटोरा साईडिंग के लिए बिना पीट पास के एवं ओवर लोड कोयला लेकर निकलने वाले ट्रेलरों को ट्रेलर चालक एवं कोल ट्रान्सपोर्टरों से मिली भगत कर टेंगनी एवं करजी में रोक कर कोयला चोरों के द्वारा जमकर कोयला उतारा जा रहा है। जिसकी जानकारी पटना पुलिस को होते हुये भी है कार्रवाही ठंडे बस्ते में है। पुलिस ने अब तक कोयला चोरी रोकने कोई ठोस कदम नहीं उठाया शुक्रवार की रात में खनिज विभाग के अधिकारियों ने पाण्डवपारा रोड़ में चेकिंग किया तो लोड हुआ ट्रेलर क्रमांक सीजी 13 एएच 4821 एवं सीजी 13 एएच 4822 दोनों ट्रेलरों को रूकवाया, दोनों वाहन चालकों के पास लोड़ कोयले का पीट पास न होने के कारण अधिकारियों ने दोनों ट्रेलरों को पटना थाने में खड़ा करा दिया। कोयले से लोड दोनों ट्रेलर विगत तीन दिनों से पटना थाने में ही खड़ड़े हैं। और अब तक वाहन मालिकों के द्वारा खनिज विभाग को पीटपास प्रस्तुत नहीं किया गया है।
चोरी का कोयला ईंट भट्ठा संचालकों के पास पहुंचा रहे कोयला चोर-
कोल ट्रान्सपोर्टर, ट्रेलर चालक एवं कोयला चोरों की आपसी मिली भगत के साथ-साथ एसईसीएल के अधिकारी कर्मचारियों की मिली भगत से कोल ट्रान्सपोर्ट में चलने वाले वाहनों में ओवर लोड़ींग व बिना पीट पास के कोल ट्रान्सपोर्टिंग का खेल तो चल ही रहा है वहीं टेंगनी, गिरजापुर, करजी में शाम होते ही रात भर कोयला चोर सक्रिय हो जाते है। जहां खदान से कोयला परिवन करने वाले ट्रेलरों को रूकवाकर भारी मात्रा में कोयला उतारकर पटना क्षेत्र के अलावा सोनहत और रामानुजनगर के क्षेत्रों में संचालित होने वाले ईंट भट्ठा में पीकप से कोयला पहुंचाया जाता है। हांलाकि पुलिस को इसकी जानकारी होते हुये भी यह पूरा खेल सेंटिग से पिछले कई सालों से संचालित है। इन कोयला तस्करों पर ठोस कार्यवाही नहीं होने से इनका मनोबल बढ़ा हुआ है। पुलिस पर ज्यादा दबाव पर छोटे-छोटे कोयला चोरों पर कार्रवाही कर पुलिस खानापूर्ति कर लेती है।
परिवहन विभाग को भी देना होगा ध्यान-
एसईसीएल क्षेत्र कटकोना, झिलमिली, पाण्डवपारा से कोयला परिवहन करने वाले ट्रेलरों मे अपने क्षमता से अधिक कोयला का परिवहन कर रहे है और कई ऐसे ट्रेलर देखने को मिल जाते है जो कुछ टायर को निकाल कर परिवन धड़ल्ले से कर रहे है। इन टायर के निकलने से ट्रांसपोर्टरों के पहिये के पैसे तो बचते है पर ओवरलोड चलने से वाहन अनियंत्रित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी राहगीरों पर मंडराता रहता है।बिना पीट पास के दोनों ट्रेलरों में कोल ट्रान्सपोर्टिंग किया जा रहा था इसलिए दोनों ट्रेलरों को थाने में खड़ा करा कर कार्यवाही की गई है, ओवर लोडिंग की भी शिकायतें मिल रही है जिसकी जांच की जायेगी। अब तक वाहन मालिकों द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।
त्रिवेणी देवांगन
जिला खनिज अधिकारी
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