अम्बिकापुर 06 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू से बच्चे की अदला-बदली हो जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को एक महिला ने ऑपरेशन द्वारा लड़की को जन्म दिया था, लेकिन उसे लड़का बताया गया और उसे एसएनसीयू से लड़का दिया गया। लेकिन उसे लड़की होने की सूचना देकर सोमवार को लड़के को वापस ले लिया गया। इस बात को लेकर अस्पताल में काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति रही।
दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनबरसा निवासी संतन दास ने शनिवार को अपनी पत्नी गीता दास को डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम 6 बजे उसने ऑपरेशन से बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान परिजन को लड़का होने की जानकारी दी गई। लेकिन बच्चे के अस्वस्थ होने के कारण उसे सीधे एसएनसीयू में रखा गया। रविवार की शाम को बच्चे को परिजन के हवाले कर दिया गया। इस दौरान परिजन को लड़का सौंपा गया था। इससे परिजन में काफी खुशी की लहर थी। लेकिन यह खुशी सोमवार की दोपहर मायूसी में उस समय तब्दील हो गई, जब परिजन को बताया गया कि आपका बेटा नहीं बेटी ने जन्म लिया है। मां के गोद से लड़के को वापस ले लिया गया। इसके बाद परिजन में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। परिजन का कहना था कि जब लड़की हुई थी तो हम लोगों को लड़का होने की सूचना क्यों दी गई और लड़का कैसे दे दिया गया। वहीं एसएनसीयू विभागाध्यक्ष सुमन तिर्की का कहना है कि एसएनसीयू से बच्चे की अदला-बदली नहीं हुई है। एक ही नाम से दो महिला भर्ती हैं इस लिए परिजन को नाम सुनने में गलत फहमी हो जाती है।
बेटा होने की खुशी में पिता ने बांटी थी मिठाई
संतन दास का कहना है कि पूर्व से मरी एक बेटी है। मैंने बेटे की चाहत के लिए दूसरी शादी की थी। शनिवार को जब डिलीवरी कराई गई तो बताया गया कि बेटा हुआ है। बेटा होने की खुशी पर मैंने अस्पताल में मिठाई बांटी थी। वहीं अस्पताल में भर्ती अन्य महिलाओं का भी कहना है कि उसे लड़का ही दिया गया था और परिजन लड़के का ही तेल मालिस में जुटे थे।
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