
अम्बिकापुर 03 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। सरगुजा की खराब और बदहाल सड़कों को लेकर अब सिर्फ चिंतन ही नहीं आवाज भी बुलंद होगी। गैर राजनीतिक मंच सड़क सत्याग्रह के जरिए अब सड़क जैसी सुविधा और अपने अधिकार को मांगने तैयारी हो चुकी है। बुधवार को सरस्वती शिशु मंदिर के सभागृह में नगर के भारी संख्या में प्रबुद्ध जन एकत्र हुए और सड़क सत्याग्रह के माध्यम से अब सुव्यवस्थित सड़क के लिए अपनी आवाज तेज करने पर सहमति बनी। बदहाल सड़क से आमजन को भुगतनी पड़ रही पीड़ा को लेकर सड़क सत्याग्रह का मंच तैयार करने वाले चिकित्सक डॉक्टर योगेंद्र गहरवार ने इस दौरान कहा कि अब खराब सड़कों का अत्याचार नहीं सहेंगे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व कर्ताओं ने खाली स्थान छोड़ दिया तो मुझे इस मंच का नेतृत्व करना पड़ रहा है परंतु अब इस मंच की आवाज आप सभी को बढ़ानी हैं। खराब सड़कों का जो दर्द है उसे मैंने कई मामलों में महसूस किया है। मंच में उपस्थित लोगों ने इस बात की सहमति दी कि जो भी नेता मंत्री सड़क मार्ग से अंबिकापुर आएगा उसे फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया जाएगा और अगर रेल या हवाई जहाज से मंत्री आता है तो उसे काला झंडा भी दिखाया जा सकता है। इसके अलावा 28 नवंबर को लगभग 10000 लोगों द्वारा बदहाल सड़कों को लेकर आवाज उठाए जाने पर भी चर्चा की गई। मौजूद प्रबुद्ध जनों ने कहां की सड़कें विकास की धमनियां होती है अगर धमनिया ही खराब होगी तो आगे क्या होगा अच्छी सड़क हमारा अधिकार है। सड़क सत्याग्रह की शुरुआत में उपस्थित कई लोगों ने खराब सड़कों को लेकर अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कई सुझाव भी दिए और इस सत्याग्रह में कदम से कदम मिलाकर आगे बढऩे सहमति दी। इस दौरान त्रिलोचन सिंह बाबरा, लेखराज अग्रवाल, कृष्णानंद तिवारी, चंद्र प्रताप सिंह ,राजेश सिंह सिसोदिया, सुजान बिंद, महेंद्र सिंह टुटेजा, रविंद्र तिवारी, विनोद हर्ष, आशा पांडे, आनंद यादव, कैलाश मिश्रा, उमेश पांडे, रीता कुर्रे, गोपाल पांडे, वंदना दत्ता, विवेक दुबे, संजीव वर्मा, विकास सिंह ,शुभम अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, पार्षद मनोज कंसारी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे। सड़क सत्याग्रह के इस मंच का संचालन नरेंद्र सिंह टुटेजा ने किया।
सड़क सत्याग्रह मंच के इस आयोजन में उपस्थित कई लोगों ने अपनी कविताओं के द्वारा भी लोगों का हौसला बढ़ाया और सड़क की पीड़ा को भी बयां किया। विनोद हर्ष ने कहा कि अव्यवस्था के विरुद्ध जागृत मेरा क्रोध हो गया। डॉक्टर को सड़क के लिए सड़क पर उतरते देखा तो मुझे भी मेरे दायित्व का बोध हो गया। संतोष दास व आशा पांडे ने भी कविता के माध्यम से सड़क की दुर्दशा पर अपनी बातें रखी और सुझाव भी दिया।
सड़क के अंधकार को
दूर करने व दुर्घटना में
मृत लोगों के नाम
जलाए सभी ने दो-दो दीपक
सड़क सत्याग्रह मंच की शुरुआत में सभी लोगों ने रास्तों में जितने भी अंधकार है उसे दूर करने और दुर्भाग्य साली व्यक्तियों के लिए जिन्होंने अपने प्राण सड़क दुर्घटना में गवा दिए उनके लिए 2-2 दीपक जलाया। इस दौरान शहर की सड़क को सुंदर वह व्यवस्थित करवाने का संकल्प भी लिया गया।
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