रायपुर,25 अक्टूबर 2021 (ए)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरु की गई श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में खोले गए मेडिकल स्टोर्स में हर रोज दवा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। इन मेडिकल स्टोर्स में अधिकतम खुदरा मूल्य पर 50 से 71 प्रतिशत छूट के साथ प्रतिष्ठित कंपनियों की जेनेरिक दवाएं उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि गुणवत्ता के मामले में जेनेरिक दवाएं किसी भी मायने में ब्रांडेड दवाओं से कम नहीं होती हैं। सभी प्रतिष्ठित दवा कंपनियां ब्रांडेड के साथ जेनेरिक दवाईयां भी बनाती हैं। जिन देशों में जेनेरिक दवाईयां इस्तेमाल होती हैं, वहां इनका निर्यात भी होता है। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टर इस बात को जानते हैं कि जेनेरिक दवाईयां भी अच्छी गुणवत्ता की होती हैं और ये ब्रांडेड दवाईयों से किसी भी प्रकार से अलग नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेनेरिक दवाएं कम कीमत पर इसलिए मिल जाती हैं क्योंकि कंपनियों को इन दवाओं की ब्रांडिंग पर खर्च नहीं करना पड़ता। जेनेरिक दवाइयां भारत सरकार के गुणवत्ता के मापदंड पर जांचने-परखने के बाद ही बाजार में उतारी जाती हैं। भारत में बिकने वाली सभी दवाओं को भारत सरकार से लाइसेंस लेना होता है, जो दवा के गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही जारी किया जाता है। एक ही कंपनी उसी दवा को ब्रांड के नाम से भी बेचती है और जेनेरिक नाम से भी बेचती है। कम गुणवत्ता की दवा को लाइसेंस ही नहीं मिल सकता है। जेनेरिक दवा गुणवत्ता के मामले में विश्वसनीय होती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरु की गई श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना में केवल अच्छी और नामी कंपनियों की जेनेरिक दवाएं ही बेची जा रही हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur