सीएम के आदेश के बाद भी कमेटी ने नहीं दी रिपोर्ट तो उग्र हुआ आंदोलन
रायपुर,22 अक्टूबर 2021 (ए)। एक तरफ पूरा देश 100 करोड़ टीकाकरण का जश्न मना रहा है, और कहीं कोरोना योद्धा को इसका श्रेय दे रहा है, दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में कोरोना योद्धा लगभग 61 दिनों से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं। दरअसल, कोरोना काल में अस्थायी रूप से भर्ती किए गए कोरोना योद्धाओं की चरणबद्ध समाप्ति को लेकर गुस्साए स्वास्थ्यकर्मी आंदोलन कर रहे हैं। सेवा बढ़ाने की मांग को लेकर रायपुर के धरना स्थल पर पिछले 61 दिनों से आंदोलनकारी दिन-रात आंदोलन स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दरअसल, सीएम भूपेश बघेल के आदेश के बाद एक कमेटी गठित की गई थी, जिसमें एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपना था। जिसकी 17 अक्टूबर अंतिम तीथी थी, लेकिन आज के तारीख तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। न ही उनसे कुछ पूछा गया, जिससे नाराज कोरोना वॉरियर्स ने मोर्चा खोल दिया है। कोरोना योद्धाओं ा कहना है कि समिति में शामिल लोगों को ही पता नहीं होता है कि कोई समिति बनी है और वे इसके सदस्य हैं। इससे ही स्पष्ट है कि सरकार क्षणीक रूप से कमेटी गठित का ऐलान कर समस्या का समाधान नहीं, बल्कि आंदोलन को दबाने की कोशिश किया है। ऐसे में वे घेराव करने के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया।
एक दर्जन से अधिक लोगों की
बिगड़ी थी तबीयत
सेवा वृद्धि की मांग को लेकर पिछले 61 दिनों से आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक करीब 30 लोगों की धरना स्थल पर ही तबीयत बिगड़ी, जिसमें से करीब 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जिसमें से अधिकतर लोगों में टाइफाइड डेंगू मलेरिया जैसे बीमारियों का सामना करना पड़ा। हालांकि सभी की हालात ठीक है, अधिकतर लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं कोरोना योद्धा ठीक होने के बाद दोबारा धरना प्रदर्शन पर अपना आंदोलन जारी रखते हैं।
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