गोरखपुर @ आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा गिरफ्तार

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क्राइम ब्रांच की टीम कर रही पूछताछ
सूत्रों का कहना था कि जेएन सिंह भी कानून को बारीकी से जानता है इस वजह से वह कोर्ट में छुट्टी के दिन हाजिर होने की फिराक में था ताकि अधिवक्ताओं के गुस्से से बच सके


गोरखपुर 10 अक्टूबर 2021 (ए)। गोरखपुर के होटल में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में मुख्य आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार किया। गोरखपुर पुलिस ने अमर उजाला तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है। दोनों से रामगढ़ताल और क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। जल्द ही उन्हें कानपुर एसआइटी के हवाले कर दिया जाएगा। अन्य आरोपितों की तलाश में गोरखपुर के साथ ही कानपुर जिले की पुलिस छापेमारी कर रही है। दरोगा अक्षय मिश्रा के बाराबंकी के स्थित घर में रविवार को एक बार फिर से एसआईटी की टीम ने छापा मारा था, लेकिन वह वहीं नहीं मिली था।
कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में थे हत्यारोपित पुलिसकर्मी
बताया जा रहा है कि मनीष गुप्ता की मौत के आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में थे। कानपुर और गोरखपुर पुलिस का गिरफ्तारी के लिए बढ़ते दबाव के बीच इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने गोरखपुर के कई बड़े अधिवक्ताओं से संपर्क साधा था। हालांकि कुछ ने केस लड़ने से मना भी कर दिया था।
छह पुलिस वालों की पिटाई से हुई थी मनीष की मौत
कारोबारी मनीष की 27 सितंबर की रात में मौत हो गई थी। आरोप है कि होटल कृष्णा पैलेस में चेकिंग करने गए इंस्पेक्टर जेएन सिंह, अक्षय मिश्रा, विजय यादव समेत छह पुलिस वालों की पिटाई से मनीष की मौत हुई थी। इस मामले में रामगढ़ताल थाने में हत्या का केस भी दर्ज है। इसकी जांच कानपुर एसआईटी कर रही है और जांच में पिटाई से मौत का मामला भी साफ हो चुका है। आरोपितों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
कानूनी बारीकी जानता है जेएन सिंह
सूत्रों का कहना था कि जेएन सिंह भी कानून को बारीकी से जानता है इस वजह से वह कोर्ट में छुट्टी के दिन हाजिर होने की फिराक में था ताकि अधिवक्ताओं के गुस्से से बच सके।


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