अम्बिकापुर 05 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर इलाके में चार महीने में विशेष संरक्षित पंडो जनजाति गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। अब तक 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक घर से कई लोगों की भी मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रही है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे 26 पंडो जनजाति को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि पंडो जनजाति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रहा है।
गौरतलब है पंडो विशेष जनजाति के संरक्षण और कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाएं और सरकारी प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडो विकास अभिकरण के जरिए करोड़ों रुपए इनके नाम खर्च होते आ रहे हैं। लेकिन इन पंडो जनजातियों का अब भी हालत बदतर हैं। बलरामपुर जिले के 26 पंडो जनजाति जो की गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। इनके देखरेख के लिए आरएमओ सहित तीन लोगों की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगाई गई है। ताकि इन्हें हर सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जा सके।
खून की कमी व कुपोषण से हैं पीडि़¸त
बताया जा रहा है कि ये सभी बीमार पंडो जनजाति खून की कमी कुपोषण सहित अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इनमें खून की मात्रा काफी कम है। 3-4 ग्राम शरीर में खून होने के कारण इनकी स्थिति काफी नाजूक बनी हुई है। वही कई लोग बलरामपुर व स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
तीन की हालत नाजूक,वेंटिलेटर पर
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर ब्लॉक क्षेत्र में पंडो विषय जनजाति बीमारी से जूझ रहे हैं। 26 लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। जिसमें 5 बच्चे शामिल है। तीन गंभीर रूप से बीमार पंडो जनजाति को वेंटीलेटर पर रखा गया है। इनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।
15 से ज्यादा लोगों की जा चुकी है जान
जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पंडो जनजाति पिछले 4 महीने से कई गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। अब तक 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वही स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में शिविर लगाया जा रहा है पर इसका फायदा लोगों तक विशेष रुप से नहीं पहुंच पा रहा है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur