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कोरिया@क्या बिना पैसे राजस्व विभाग में नहीं होती किसी की सुनवाई?…क्या रिश्वत बिना राजस्व विभाग में नहीं मिलता न्याय?

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-रवि सिंह-
कोरिया,23 जून 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में एक पटवारी का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमे पटवारी कुछ वापस करने की बात कह रहा है आरंभ में और अंत तक वह क्या वापस करना चाह रहा है यह भी स्पष्ट हो रहा है वहीं वह जिससे बात कर रहा है उसे आश्वस्त भी कर रहा है की उसे गलतफहमी हुई है उसके साथ गलत नहीं हुआ है वहीं यदि उसे ऐसा लगता है की गलत हुआ है तो वह अपना वापस ले ले और जो खर्च हुआ है एसडीएम और तहसील कार्यालय में उसे पटवारी खुद वहन कर लेगा वह ऐसा खुद कह रहा है। ऑडियो में यह भी बात सामने आ रही है की पटवारी और भूमिस्वामी के मध्य बात हो रही है और भूमि स्वामी के साथ बंटवारे में पटवारी ने गलत किया है जबकि पटवारी को भूमिस्वामि ने उसका ऊपरी शुल्क दिया है। अब ऑडियो की सच्चाई को लेकर घटती-घटना यह पुष्टि नहीं करता की ऑडियो वाकई असली है और ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज पटवारी और भूमिस्वामी के बीच के बातचीत की आवाज है।
वैसे यदि यह ऑडियो सही है और यह बातचीत सही में हुई है भूमिस्वामी और पटवारी के बीच तो यह भी अब सवाल उठना लाजमी है की क्या राजस्व विभाग में बिना चढ़ावा कोई काम नहीं होता क्या वेतन भत्तों से राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अपना परिवार पालना मुश्किल होता जा रहा है और इसलिए उन्हे बख्सिश लेने की जरूरत पड़ रही है और यह बख्सिस नीचे से ऊपर तक बंटती है? वैसे यदि ऐसा है और बख्सीस की परंपरा समाप्त नही हो सकती तो यह बड़ी विडंबना वाली बात है वहीं सरकार के लिए भी सोचनीय विषय यह होना चाहिए की वह राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन भत्ता इतना बढ़ा दे की उन्हे बख्सीश न लेनी पड़े जिससे विभाग और सरकार की किरकिरी बार बार न हो। वैसे प्रदेश में जब भाजपा की सरकार इस बार बनी तब सरकार और निर्वाचित भाजपा विधायकों ने राजस्व विभाग खासकर पटवारियों को लेकर यह स्पष्ट निर्देश जारी किया की जमीन मामलों में किसी भी व्यक्ति भूमि स्वामी से पटवारी कोई मांग न करें वरना उनकी खैर नहीं। कोरिया जिले खासकर बैकुंठपुर विधानसभा अंतर्गत एक दो मामले नई सरकार के गठन के बाद सामने भी आए जिसमे कार्यवाहियां भी हुईं लेकिन जैसे जैसे छह माह का समय सरकार का बीता वैसे वैसे अब सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चलना शुरू हो गया है बख्शीश की परंपरा फिर शुरू हो गई है यह वायरल ताजा ऑडियो सुनकर कहा जा सकता है।
पीडिती भूस्वामी ने अनुविभागीय अधिकारी (रा0) बैकुण्ठपुर को धारा 44 छ0ग0 भू-राजस्व संहिता के तहत किया अपील
झम्मन राम आ. स्व. मनबोध, उम्र करीब 45 वर्ष, जाति रजवार, पेशा कृषि,निवासी ग्राम नरकेली, थाना एवं तहसील बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया,छ.ग ने बताया की राजस्व प्रकरण पंजीयन क्रमांक- एम.डी. 202324530306300003 पक्षकार हरिराम, आनंदराम, झम्मनराम के प्रकरण में खाता विभाजन किये जाने के संबंध में पारित आदेश दिनांक 24/5/2024 के माध्यम से दिनांक 22/5/2024 के नामान्तरण क्रमांक 5303063/260524/ 00749, 00750, 00751,00752,00776,00777 को प्रमाणित करने में असमान एवं अवैधानिक बंटवारा को प्रमाणित किया गया है, जिससे क्षुब्ध एवं असंतुष्ट होकर अपीलार्थी की ओर से अपील माननीय न्यायालय के समक्ष सादर प्रस्तुत है,यह कि अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण आपस में सगे भाई हैं,उनके संयुक्त स्वामित्व एवं आधिपत्य के नाम पर ग्राम नरकेली में खसरा नंबर 246, 341, 455, 460, 493/1, 578 रकबा क्रमशः 0.4370, 0.9910, 0.5140, 0.1290, 2.4750, 0.2910 हे0 कुल खसरा नंबर 6 कुल रकबा 4.8370 हे0 भूमि स्थित है। अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण के द्वारा हल्का पटवारी से उक्त भूमि के बराबर-बराबर बंटवारा हेतु निवेदन किया गया, जिसपर हल्का पटवारी के द्वारा एक आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 178 छ.ग. भू-रा.सं. का तैयार करवाकर अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण का संयुक्त हस्ताक्षर लिया जाकर विद्वान अधीनस्थ न्यायालय तहसीलदार बैकुण्ठपुर के समक्ष प्रस्तुत करना बतलाया गया, अपीलार्थी कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति है, उसे राजस्व विधिक प्रक्रिया का समुचित ज्ञान नहीं है,वह हल्का पटवारी शत्रुधन शर्मा जो कि लोक सेवक हैं, उन पर भरोषा एवं विश्वास करते हुए सादे कागजों पर हस्ताक्षर करके दे दिया था, और उसे पूर्णतः विश्वास था कि हल्का पटवारी अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण के मध्य बराबर-बराबर बंटवारा कर खाता विभाजन करवा देंगे, किंतु दिनांक 11/6/2024 को सुबह 8.00 बजे हल्का पटवारी शत्रुधन शर्मा अपीलार्थी एवं उसके परिवार के सदस्यों को बुलवाये और जमीन नपाई करना प्रारंभ कर दिये और कहे कि खसरा नंबर 246 में अपीलार्थी के वर्ष 2006 में बने पुराने मकान को उसके भाई आनंदराम के हिस्से में बंटवारा कर दिया हूं, इसलिए यह मकान खाली कर दो, तब अपीलार्थी को ज्ञात हुआ कि हल्का पटवारी के द्वारा अपीलार्थी एवं उत्तरवादीगण के काबिज काश्त भूमि व काबिज काश्त मकान की स्थिति को देखते हुए बंटवारा नहीं किया गया है, बल्कि मनमाने तौर पर अधिकारिता विहिन बंटवारा कर दिया गया है। उक्त घटना के उपरांत अपीलार्थी के द्वारा उपरोक्त भूमियों के खाता विभाजन एवं बंटवारा आदेश की प्रतियां निकालने हेतु अविलंब प्रतिलिपि शाखा में दिनांक 12/6/2024 को आवेदन पेश किया गया, तब अपीलार्थी को बताया गया कि ऑनलाईन प्रकरण चला है और सारी कार्यवाही ऑनलाईन हुई है, जिसकी प्रमाणित प्रति प्रदान नहीं दिया गया, तब अपीलार्थी ने ऑनलाईन उक्त प्रकरण की प्रतियों की निकासी किया। ऑनलाईन उक्त प्रकरण की प्रतियां निकाले जाने पर उसके अवलोकन से ज्ञात हुआ कि उत्तरवादी क्रं.1 हरिराम के पक्ष में कुल 06 प्लाट कुल रकबा 1.6120 हे.एवं भाई आनंदराम के पक्ष में कुल 06 प्लाट कुल रकबा 1.6120 हे. और अपीलार्थी झम्मनराम के पक्ष में कुल 05 प्लाट एवं कुल रकबा 1.0910 हे. का त्रुटिपूर्वक बंटवारा कर दिया गया है। इस प्रकार हल्का पटवारी के द्वारा अपीलार्थी के साथ छल करते हुए असमान एवं विधि विरूद्ध बंटवारा कर अपीलार्थी को उत्तरवादीगण से कम हिस्से का बंटवारा कर दिया गया और और अपीलार्थी के वर्ष 2006 में बने पुराने मकान को भाई आनंदराम के हिस्से में प्रदान कर दिया गया है। जबकि उक्त प्रकरण में संलग्न फर्द बंटवारा सूची अनुसार उत्तरवादी क्रं.1 हरिराम के पक्ष में कुल 07 प्लाट दर्शित करते हुए रकबा 1.856 हे. एवं उत्तरवादी क्रं.2 आनंदराम के पक्ष में कुल 07 प्लाट दर्शित करते हुए रकबा 1.490 हे. तथा अपीलार्थी झम्मनराम के पक्ष में कुल 07 प्लाट दर्शित करते हुए रकबा 1.491 हे. उल्लेखित किया गया है। इस प्रकार फर्द बंटवारा सूची के अवलोकन से बंटवारा में ही काफी विरोधाभाष प्रकट हो रहा है। अपीलार्थी के द्वारा ऑनलाईन बी-1किश्तबंदी खतौनी एवं खसरा पांचशाला निकलवाये जाने पर यह प्रकट हुआ कि हल्का पटवारी के द्वारा अपीलार्थी के पक्ष में कुल 05 प्लाट एवं कुल रकबा 1.0910 हे. वहीं दूसरी ओर उत्तरवादी क्रं.1 हरिराम तथा उत्तरवादी क्रं.2 आनंदराम के नामे कुल 06-06 प्लाट एवं कुल रकबा 1.6120 एवं 1.6120 हे. बंटवारा किया गया है,जिससे ही यह स्पष्ट प्रकट होता है कि अपीलार्थी को उसके हक में उत्तरवादीगण से 0.521 हे. कम भूमि का बंटवारा अवैधानिक एवं त्रुटिपूर्वक किया गया है,जबकि इस संबंध में अपीलार्थी ने कभी कोई सहमति प्रदान नहीं किया है और न ही उसने कोई हक त्याग किया है। अपीलार्थी निवेदन करते हुए दिनांक 22/5/2024 के नामान्तरण क्रमांक 5303063/260524/ 00749, 00750, 00751, 00752, 00776, 00777 को प्रमाणित करने में प्रमाणीकरण अधिकारी/अधीनस्थ न्यायालय द्वारा अपने आदेश दिनांक 24/5/2024 में विधिक एवं तथ्यात्मक त्रुटि की गयी है,जिसे अपास्त किया जाकर अपीलार्थी को 246, 341, 455, 460, 493/1, 578 रकबा क्रमशः 0.4370, 0.9910, 0.5140, 0.1290, 2.4750, 0.2910 हे0 कुल खसरा नंबर 6 कुल रकबा 4.8370 हे0 भूमि के प्रत्येक खसरा नंबरों में से 1/3 समान भूमि कब्जा कास्त एवं किस्म को ध्यान में रखकर बंटवारा किये जाने हेतु समुचित आदेश प्रदान किये जाने की कृपा की जाये।
पीडि़त ने सही बंटवारे के लिए फिर लगाया आवेदन
पीडि़त भूमि स्वामी ने अब एसडीएम न्यायालय में आवेदन दिया है अपने अधिवक्ता के माध्यम से उसने अपील दायर की है और मांग की है की भूमि का बंटवारा पुनः उसके सभी भाइयों के बीच बराबर किया जाय जो पिछली बार सही तरीके से नहीं किया गया। बता दें की पीडि़त के द्वारा इस आशय की अपील दाखिल की गई है की उसके भाइयों के बीच सही तरीके से जमीन का बंटवारा नहीं किया गया और अब वह सही बंटवारा चाहता है। पीडि़त के अनुसार जमीन पैतृक है जो उसके सहित उसके कुल तीन भाइयों में बराबर विभाजित की जानी है।
क्या पटवारी को तनख्वाह कम पड़ रही?
वैसे जिस तरह का ऑडियो वायरल हुआ है और जिस तरह पटवारी पैसे वापस करने की बात कर रहा है वहीं एसडीएम सहित तहसील कार्यालय के बीच पैसे खर्च करने की बात कर रहा है यह कहना गलत नहीं होगा की कहीं न कहीं पटवारी को वेतन जीवन यापन के लिए कम पड़ रहा है वहीं यदि वायरल ऑडियो सही है तो यह भी कहना गलत नहीं होगा की एसडीएम कार्यालय सहित तहसील कार्यालय में भी पटवारी राशि खर्च की बात कर रहा है और इससे यह भी सवाल उठ रहा है की कहीं न कहीं पटवारी जिन कार्यालयों की बात कर रहा है वहां के लोगों को भी बखसिस की आदत है और उनका भी उनके परिवार का भी जीवन यापन वेतन भत्तों से नहीं हो पा रहा है और कहीं न कहीं सरकार पर भी प्रश्न इसके बाद खड़ा होता है की उनके कर्मचारी जब वेतन भत्तों से ही संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं तो उनका वेतन भत्ता सरकार क्यों नहीं बढ़ाती है जिससे उन्हे बख्शीश लेने की जरूरत न पड़े।
क्या पटवारी शत्रुघ्न शर्मा पर होगी कार्यवाही?
मामले में नरकेली के हल्का पटवारी शत्रुघ्न शर्मा का नाम सामने आ रहा है और अब सवाल यह उठता है की क्या ऑडियो की जांच होगी क्या पटवारी पर कार्यवाही होगी। वैसे यदि ऑडियो सही है तो पटवारी के द्वारा एस डी एम कार्यालय तहसील कार्यालय में किस किस को बख्सिस बांटा गया यह भी जांच का मामला होना चाहिए और उनपर भी कार्यवाही होनी चाहिए।
मामला जिसको लेकर वायरल हुआ है बातचीत का ऑडियो पटवारी और भूमिस्वामी का
वायरल ऑडियो कोरिया जिले के नरकेली हल्का पटवारी का बताया जा रहा है वहीं भूमिस्वामी जिससे पटवारी की बातचीत हो रही है उसका नाम या भूमिस्वामी के परिजनों का नाम झग्गन राम आत्माज मानबोध निवासी नरकेली है वहीं भूमिस्वामी और उसके अन्य दो भाइयों के बीच जमीन का बंटवारा होना था और जिसके लिए उन्होंने तहसील न्यायालय से नियमानुसार आवेदन देकर प्रक्रिया का पालन किया था लेकिन जब बंटवारे के लिए मामला पटवारी के पास पहुंचा और जब नक्शा खसरा नंबर अलग करने की बारी आई भूमिस्वामी जो अब पुनः बंटवारे की मांग कर रहा है। बता दें की अब भूमि स्वामी एसडीएम न्यायालय पहुंचा है और सही तरीके से बंटवारे का वह वाद अपने अधिवक्ता के माध्यम से दर्ज किया है। बैकुंठपुर के ग्राम नरकेली का मामला है वहीं बताया जा रहा है की बंटवारे के लिए पटवारी ने भूमिस्वामी से पैसे भी लिए थे और उसके बावजूद बंटवारा सही तरीके से राजस्व अभिलेखों में नहीं किया था।


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