रायपुर @ छत्तीसगढ़ में डीजल व पेट्रोल की कीमतें होंगी कम

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सरकार ने घटाया वैट टैक्स,ये निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया


रायपुर, 22 नवम्बर 2021 (ए)। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ कैबिनेट की आज महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री निवास में हुई जिसमें पेट्रोल के मूल्यों में एक प्रतिशत एवं डीजल के मूल्यों में दो प्रतिशत वैट टैक्स में कमी करने का निर्णय लेकर आम लोगों को राहत पहुंचाई गई। वहीं मंत्री परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार निजी एवं शासकीय स्कूल 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने का निर्णय लिया गया। शिक्षाकर्मियों के लिए बैठक में बड़ा ऐलान राज्य सरकार ने किया है । छत्तीसगढ़ सरकार अब तक पेट्रोल और डीजल पर 25 प्रतिशत वैट टैक्स लेती थी । उक्त जानकारी केबिनेट मंत्री मो. अकबर ने निवासी में आयोजित पत्रकारवार्ता में दी।
पत्रकार वार्ता में अकबर ने सरकार द्वारा शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत देने का निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक संवर्ग में पदोन्नति के प्रावधान को शिथिल की जानकारी दी। उन्होंने बताया जिसके तहत प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक एवं व्याख्याता के पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय भर्ती नियमों में प्रावधानित 5 वर्ष के अनुभव को एक बार के लिए शिथिल करते हुए 3 वर्ष के अनुभव के आधार पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। संविलियन हुए शिक्षाकर्मियों को जहां उनकी सेवा अवधि का लाभ मिलने से वे पदोन्नत हो सकेंगे वहीं बच्चों को उनके शिक्षकीय अनुभव का लाभ मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के शासकीय एवं निजी विद्यालयों की कक्षाएं संपूर्ण कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूर्ण उपस्थिति के साथ नियमित रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने केबिनेट की बैठक में धान खरीदी की नीति की जानकारी देते हुए बताया कि समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग के लिए मंत्रि-मंडलीय उप समिति द्वारा प्रस्तुत संशोधनों और नवीन अनुशंसाओं के साथ विगत खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 की धान एवं मक्का उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग नीति को खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में लागू करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. को धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में प्रदत्त 14,700 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति का 31 अक्टूबर 2022 पुनर्वैधीकरण करने का निर्णय लिया गया। धान उपार्जन वर्ष 2020-21 में सहकारी समितियों को धान उपार्जन में हुए नुकसान से बचाने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने हेतु एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान में से सरप्लस (अतिशेष) धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण हेतु मंत्रि-मण्डलीय उप समिति की बैठक में लिए गए निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कस्टम मिलिंग अनुबंध की बचत धान की मात्रा का निरस्तीकरण एवं उस पर प्रस्तावित पेनाल्टी को माफ करने का निर्णय लिया गया।
पत्रकारवार्ता में मो. अकबर ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, दंत चिकित्सा महाविद्यालय, नर्सिंग महाविद्यालय एवं फि जियोथेरैपी महाविद्यालय में प्राध्यापक एवं सह प्राध्यापक के पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से भरे जाने एवं पदोन्नति नियमों में एक बार छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में संविदा में कार्यरत शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि को आयु सीमा में अधिकतम 10 वर्ष तक की छूट देने तथा उन्हें सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 2 बोनस अंक भी देने का निर्णय लिया गया। बोनस अंकों की अधिकत्तम सीमा 10 अंकों तक होगी। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी से चिकित्सा विशेषज्ञ के पद पर पदोन्नति के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम-1988 में निर्धारित अर्हता अनुभव को केवल एक बार के लिए शिथिल करते हुए न्यूनतम अनुभव की अवधि को दो वर्ष करने का निर्णय लिया गया।
गृह विभाग के संबंध में मंत्री परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर चयन परीक्षा वर्ष 2021 के सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के ऊंचाई एवं सीना के माप में दी गई छूट का अनुमोदन किया गया। वहीं ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती के लिए जारी प्रतीक्षा सूची की वैधता अवधि को एक बार के लिए शिथिल करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया।
संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लिए भर्ती नियमों में किए गए प्रावधानों की समय-सीमा 31 दिसंबर 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2023 तक करने का निर्णय लिया गया।


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