पांचवी अनुसूची वाले जिले में सत्ता पक्ष की मनमानी का ग्राम पंचायतें का विरोधःअनिल जायसवाल

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मामला गौठान समिति अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर मनोनयन का

रवि सिंह-


बैकु΄ठपुर 05 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। कोरिया जिला पांचवी अनुसूचित जिला है वहीं यहां पंचायतों को नियमानुसार पेशा कानून अंतर्गत कुछ मामलों में विशेषाधिकार मिलने चाहिए जो नहीं मिल पा रहा है को लेकर अनुसूचित जनजाति वर्गों के नेतृत्वकर्ता लगातार आवाज उठा रहें हैं। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपध्यक्ष अनील जायसवाल ने कहा पांचवी अनुसूची में शामिल जिलों को 90 के दशक में विशेषाधिकार देने के लिए पेशा कानून बना था वहीं पेशा कानून में भी ग्राम सभा को विशेष अधिकार देने की बात कही गई थी लेकिन धरातल पर ग्राम सभाओं को महत्व बिल्कुल नहीं दिया जा रहा है जिसके लिए केंद्र व राज्य दोनों ही सरकारें जिम्मेदार हैं ऐसा अनुसूचित जनजाति वर्गों के प्रतिनिधि मानते भी हैं। कोरिया जिला खासकर बैकुंठपुर विकासखण्ड में लगातार ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि यह आरोप लगा रहें हैं कि ग्राम सभाओं के अधिकार को सत्तापक्ष के प्रभावशाली लोग लगातार हाशिये पर डालने प्रयासरत हैं। कोरिया जिला पांचवी अनुसूचित जिला होने के नाते पंचायत मामलों में केवल अनुसूचित जनजाति वर्गों के लोगों को ही पंचायत प्रतिनिधि के रूप में पंचायत चुनावों में मुख्य पदों जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, व सरपंच पद हैं पर निर्वाचित होने का अधिकार प्रदान करता है।
श्री जायसवाल की माने तो त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की पंचायत सरकार व पांचवी अनुसूचित जिला होने के नाते पेशा कानून जो पूरी तरह लागू नहीं के अनुसार इन क्षेत्रों में पंचायत की ग्रामसभा के निर्णय प्रमुख व सर्वमान्य होने चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है जिसको लेकर अब आवाज उठने भी लगी है। बैकुंठपुर विकासखण्ड में लोकसभा न विधानसभा सबसे ऊंची ग्राम सभा का नारा लगभग रोज सुनने को मिल जाते हैं वहीं अब गौठान समितियों में अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर सत्तापक्ष द्वारा स्वयं से मनोनयन को लेकर भी विरोध में ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाएं मुखर होने लगी हैं। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्राम गौठान समिति के सभी पदों पर किसी की भी नियुक्ति या मनोनयन का अधिकार ग्राम सभाओं का है और सभी ग्राम सभाएं ऐसा कर भी रहीं हैं वहीं सत्तापक्ष के प्रभावशाली लोग ग्राम सभाओं से भेजे गए मनोनयन हेतु नामों को कार्यालयों में जाकर बदलवा दे रहें हैं जो ग्राम सभाओं के अधिकारों का हनन है। बताया जा रहा है ग्राम गौठान समितियों में अध्यक्ष व सचिव पद पर ग्राम सभाओं द्वारा ग्राम पंचायतों से ही चुनकर मनोनयन करने हेतु व्यक्तियों के नामों की सूची मनरेगा प्रोग्राम अधिकारी जनपद पंचायत बैकुंठपुर को भेजी गई थी लेकिन जब ग्राम गौठान समितियों का बैंक खाता खोलने हेतु प्रस्ताव ग्राम पंचायतों को प्राप्त हुआ तो उसमें ग्राम सभाओं के द्वारा चुने गए लोगों की जगह अन्य का नाम देखने को मिल रहा है ऐसा सत्तापक्ष के दबाव में हो रहा है यह कहना है ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों का वहीं उनका यह भी कहना है कि ऐसा करना गलत है और यह ग्राम सभाओं का अपमान है। ग्राम पंचायतों की ग्राम सभा मे अब इस बात का विरोध करने की तैयारी भी की जा रही है।


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