मोर्चा प्रकोष्ठों की नियुक्तियों को भंग करने का मामला तूल पकड़ता हुआ

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भंग की सभी मोर्चा प्रकोष्ठों की सभी नियुक्तियां

बैकु΄ठपुर 28 सितम्बर 2021 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के ही विभिन्न मोर्चा प्रकोष्ठों के द्वारा जिला स्तर पर की गई सभी नियुक्तियों को निरस्त कर अमान्य करने का निर्णय लिया है। मोर्चा प्रकोष्ठों की नियुक्तियों को अमान्य किये जाने के निर्णय से अब नियुक्ति प्राप्त किये गए लोगों में नाराजगी देखी जा रही है वहीं उनकी तरफ से यह भी बात सामने आ रही है कि आखिर जब नियुक्तियां निरस्त ही कि जानी थी तो क्यों समारोह आयोजित कर नियुक्ति पत्र बांटे गए, बिना नियुक्ति पत्र बांटे भी नियुक्तियों को निरस्त किया जा सकता था जबकि ऐसा नहीं किया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह कहकर नियुक्तियों को निरस्त किया कि मोर्चा प्रकोष्ठों की नियुक्तियों में जिला कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस कमेटी की सहमति लिए बगैर नियुक्तियां की गईं इसलिए नियुक्तियां अमान्य की जा रहीं हैं वहीं नियुक्ति पाने वाले नेताओं का कहना है नियुक्तियां उन्हीं को मिली जिनका कांग्रेस पार्टी के लिए बेहतर योगदान रहा है और वह लगातार पार्टी हित मे बने हुए लोग हैं व वह उसी जिले या शहर के भी हैं बाहरी नहीं हैं जिस क्षेत्र की उन्हें जिम्मेदारी मोर्चा प्रकोष्ठों में दी गई है।

जिलाध्यक्ष कोरिया पर लग रहे आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के कोरिया जिला दौरा के बाद ही नियुक्तियों को अमान्य करने का निर्णय लिया गया वहीं नियुक्ति प्राप्त करने वाले लोगों का यह भी कहना है कि जिला कांग्रेस कमेटी व शहर कांग्रेस कमेटी से अनुसंशा बगैर नियुक्तियां की गईं यह विरोध सर्वप्रथम कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी की ही तरफ से किया गया था ऐसे में जिलाध्यक्ष की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता वहीं नियुक्ति प्राप्त करने वालो का यह भी कहना है कि मोर्चा प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रभारी जिले के दौरे पर भी आये,सभी इक्षुक लोगों ने अपना अपना दावा जिले में ही सभी के समक्ष रखा ऐसे में सीधे नियुक्तियां की गईं यह कहना गलत है जबकि सभी कुछ सभी के सज्ञान में था। अब बेवजह कांग्रेस में ही आपसी सामंजस्य बिगाड़ने जैसा होगा नियुक्तियां निरस्त करना।

तीसरे साल नियुक्ति हो सकी और तत्तकाल निरस्त भी हुईं नियुक्तियां

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के गठन को लेकर तीसरा साल जारी है वहीं मोर्चा प्रकोष्ठों के गठन को भी तीसरे साल में जाकर पूर्णता मिल सकी थी जो बड़ा लंबा समय नियुक्तियों को लेकर कहा जा सकता है जबकि नियुक्तियों को नियुक्ति पत्र जारी होते ही निरस्त कर दिया गया जो गलत है जैसा नियुक्ति पाने वालों का कहना है। नियुक्ति पाने वालों का यह भी कहना है यह उनका अपमान है और अब नियुक्तियां इतनी जल्द संभव भी नहीं हो सकेंगी क्योंकिं अब चुनाव को दो ही वर्ष शेष हैं।

नियुक्ति पत्र बंटने से पहले ही क्यों नहीं अमान्य की गई नियुक्तियां

नियुक्ति प्राप्त किये लोगों का कहना है की प्रदेश कांग्रेस कमेटी को नियुक्ति पत्र बंटने से पूर्व ही नियुक्तियां अमान्य कर देनी थी,नियुक्ति पत्र बंटने उपरांत नियुक्तियां अमान्य किया जाना न्यायोचित नहीं वहीं यह कांग्रेस पार्टी के ही कर्मठ कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर कुठाराघात से कम नहीं।


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