अधिकारियों की मिलीभगत से कूट रचित कर 44 एकड़ भूमि का हेरा-फेरी

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बलरामपुर 24 सितम्बर 2021 (घटती-घटना)। बलरामपुर जिले के भू माफियाओं द्वारा सरकारी, अर्द्ध सरकारी वन भूमि एवं आदिवासियों की भूमि को निजी तौर पर कब्जा करने एवं कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से भूमि अपने परिवार व वफ़ादारों के नाम करने सम्बंधित चर्चा की। कनहर नदी के किनारे कोरोना काल में लॉक डाउन के समय स्थानीय दबंग परिवार अपनी पहुंच से बड़ी-बड़ी मशीने लगवाकर अपने भूमि तक पहुंच मार्ग बनवाने की कोशिश करता रहा। स्थानीय प्रशासन से इसकी शिकायतें करने उपरांत भी जिला प्रशासन द्वारा वैधानिक कार्यवाही नहीं करने पर मजबूरन न्यायलय के शरण मे जाना पड़ा। न्यायलय के द्वारा प्रकरण पर रोक लगाने उपरांत भू माफियाओं द्वारा अपने दबंगई के दम पर न्यायलयीन आदेशअपने पक्ष में करने की हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है इसकी चर्चा दबी जुबां आम है। अनाधिकृत रूप से बड़े-बड़े वृक्षों को कटवाकर नदी के किनारे सड़क बनाया जाता रहा और सरकारी अमला चुप बैठे देखता रहा या भू माफियाओं के कुकृत्य में सहभागी रहा। सामरी तहसील थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय भू माफियाओं का दबदबा और करतूतों का एक और उदाहरण आजजा ग्राम पंचायत बाटा पाठकों के सामने है– आजजा ग्राम बाटा के ठुनका एवं पोका नगेसिया जिसकी मृत्यु लगभग 18-20 वर्ष पहले हो चुकी है उनके वारिसों के नाम पर फावती आज दिनांक तक नहीं चढ़ा है। जैसा कि क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कहना है। नगेसिया परिवार की पैतृक जमीन लगभग 44 एकड़ राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजी कूट रचना व आधार कार्ड में परसन नगेसिया आदिवासी को परसन बिरिजिया सामान्य जाति बनवा दलालों व मुख्तारनामा विमल यादव आ.बुद्ध देव अहीर निवासी ग्राम सरभंजा-मैनपाट के माध्यम से पुष्पा अग्रवाल पत्नी अनिल अग्रवाल, निकिता अग्रवाल पत्नी रवि अग्रवाल निवासी विला न.31, मारुति लाइफ स्टाइल कोटा रॉड महोबा बाजार रायपुर छह.गढ़। पैतृक निवास रामानुज गंज आ. बजरंग लाल उर्फ बजरंगलाल मुनि इतना ही नहीं गांव का घरजिहां दमाद परसन जब खेतों में काम कर रहा था तभी उसका अपहरण कर डेढ़ महीनों तक उसे अपने कब्जे में रख भयादोहन करते हुए भूमि की रजिस्ट्री मुख्तार नामे के आधार पर अम्बिकापुर पंजीयक कार्यालय में बिना उपस्थिति तथा-कथित क्रेता 10-10 लाख का चेक दिखा कराने में सफल रहे। सामरी तहसील थाना क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र में रामानुजगंज के मुनि परिवारों का दबंगई बिना किसी बाधा के जारी है हजारों एकड़ भूमि चाहे वह निजी हो या वन ब्यवस्थापन पट्टे की खरीदी बिक्री हो चुकी है।


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