ज्वेलरी दुकान में हुई थी चोरी,30 लाख के जेवरात के साथ आरोपी गिरफ्तार

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आरोपी जुए के बुरी लत को पूरा करने के लिए यूट्यूब से तरह-तरह के तकनीकी सीख कर करता था चोरी

अम्बिकापुर 19 सितम्बर 2021 (घटती-घटना)। कोतवाली से महज 100 मीटर दूरी पर स्थित थाना चौक के समीप सत्यम ज्वेलर्स में 4 दिन पूर्व सेंधमारी कर नगद सहित लाखों की सोने चांदी के जेवरात चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी काफी आदतन है और अकेले ही चोरी की घटना को अंजाम देता था। वह शहर के मुख्य डाकघर सहित आसपास के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा जगह पर चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है। आरोपी यूट्यूब के माध्यम से देखकर अकेले ही चोरी जैसी घटना को अंजाम देता था। अपने पास चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए कई औजार भी रखा था। आरोपी को जुए के बुरी लत लग चुकी थी। चोरी के पैसों से वह जुआ खेलने वह अन्य कामों में खर्च करता था। 15-16 सितम्बर की दरम्यानी रात थाना चौक पर स्थित ज्वेलरी शॉप में हुई बड़ी चोरी से शहरवासियों के होश उड़ गये थे जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने खुद मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी कमान संभाली थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर चोर को रात-दिन ढूंढा जा रहा था। कई लोगों से पूछताछ तथा सीसीटीव्ही खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से लगभग 30 लाख रूपये के ज्वेलरी तथा घटना में प्रयुक्त ड्रिलिंग मशीन बरामद कर लिया है। वहीं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है।
मामले का खुलासा करते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कामले ने बताया कि 15-16 सितंबर की दरमियानी रात थाना चौक के समीप सत्यम ज्वेलर्स में सेंधमारी कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। दुकान संचालक अशोक सोनी ने लाखों के सोने चांदी के जेवरात वह 1 लाख रुपए नगद चोरी की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए 7 विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम हर संभावित बिंदु पर जांच कर रही थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेहियों की धरपकड़ करने के साथ ही शहर के बस स्टेण्ड, आटो चालकों एवं लाज के संचालक से पूछताछ कर पता किया गया। लगातार पूछताछ करने पर पता चला की पुराने अपराधी जो जमानत पर छुटे है उन्ही द्वारा संभवतः घटना को अंजाम दिया गया है। यह भी पता चला कि एक व्यक्ति घटना के दिन सुबह 2-3 बैग लेकर आटो में बैठ कर घटना स्थल के आगे रोड से गया है।
इसी अनुसार उस क्षेत्र के पुराने अपराधियों की पता तलाश किया गया है जिसमे पता चला कि रवि रजक नामक व्यक्ति पहले जेल गया था जो जमानत मे छुट कर आया है। इस सूचना पर रवि रजक को उसके मठपारा स्थित आवास में घेरा बंदी कर पुलिस टीम द्वारा धर दबोचा गया। जिससे बारिकी से पूछताछ कर मकान की तलाशी लिया गया जहां तलाशी के दौरान घटना दिनांक को पहने हुए कपडे एवं रेन कोट, ड्रिल मशीन, कटर बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है।

पुलिस को करता रहा गुमराह

आरोपी रवि रजक द्वारा घटना में संलिप्ता से लगातार इंकार करते हुए पुलिस टीम को गुमराह करता रहा, लेकिन लगातार कडाई से पूछताछ करने पर वह जुर्म कबूल कर लिया और अपने कमरे में जमीन खोदकर चोरी के सभी जेवरों को बटुए में भरकर रखने की बात बताई। जिसे पुलिस ने तत्काल निकलवाया।
इस तरह से की थी चोरी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि सत्यम ज्वेलर्स में वह चोरी के लिए काफी दिनों से प्रयास कर रहा था। वह बताया कि पूर्व में भी मेर द्वारा चोरी का प्रयास किया गया था उस समय दीवार के पास गड्ढा किया था। दूसरी बात सत्यम ज्वेलर्स में चोरी का प्रयास होने की खबर समाचार में मिलने पर वह उसके 4 दिन बाद बिलासपुर से ड्रिल मशीन खरीद कर लाया और एक स्कूल परिसर में पूर्व में कटर मशीन रखना बताया। और अभी चोरी करने के लिए 15 सितंबर को अपने घर से बाइक में ड्रिलिंग मशीन साथ लेकर घर से निकला और ड्रिल मशीन को सतीपारा में कूड़े जगह पर छिपा दिया था। इसके बाद वह प्रतापपुर जाना बताया। रात्रि में प्रतापपुर से अंबिकापुर बस स्टैंड वापस लौटा और रात होने के इंतजार में शहर में घूमता फिरता रहा। इसके बाद सतीपारा के पास रखे ड्रिल मशीन को लाकर कन्या परिसर स्कूल के कंपाउंड में डाल दिया। देर रात बाद गुदरी चौक के पास लोहे के गेट से कन्या परिसर स्कूल के कंपाउंड में अंदर घुसा और सत्यम ज्वेलर्स में चोरी करने के लिए वहीं रखे बांस और रस्सी से सीढ़ी बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

चोरी कर रुपए को किया बैंक में जमा

पुलिस के अनुसार टीम ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार करते हुए उसके पास से लगभग 30 लाख रूपये के ज्वेलरी भी बरामद की। आरोपी ने नगदी 17 हजार रूपये भी चोरी किया जिसे उसने बैंक में जमा करना बताया है।
मुख्य डाकघर सहित कई जगहों पर कर चुका था चोरी
आरोपी रवि रजक द्वारा पूर्व मे कई घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें मणीपुर चौक के क्षेत्र मे रितेश अग्रवाल के किराना स्टोर्स मे घुसकर सोना चांदी एवं नगदी 1लाख 50 हजार रूपये को चोरी करना स्वीकार किया है तथा मुख्य डाकघर में 23000 चोरी करना तथा डीबीआर जोड़ा तालाब में इतना बताया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से डीवीआर भी बरामद किया है। इसके अतिरिक्त वाड्रफनगर से ज्वेलरी चोरी करना बताया है तथा बरामदगी कराया गया है एवं इसके अतिरिक्त शहर में कई जगहो पर उक्त आरोपी द्वारा चोरी करने का प्रयास किया गया जिसमें गर्ग किराना स्टोर, माहवीर मोबाईल, गीता मोबाईल मे भी चोरी करने का प्रयास किया गया जो असफल रहा था।

यू-ट्यूब से लेता था चोरी की ट्रेनिंग

एसपी ने बताया कि आरोपी काफी शातिर है। वह मार्केटिंग नेटवर्किंग का काम करता है और पैसा भी ठीक था काम आता है। पर जुए की लत के कारण उसे ज्यादा रुपए की जरूरत पड़ता था। इस कारण और चोरी जैसी घटना को अंजाम देता था। को चोरी करने के लिए यूट्यूब से तरह तरह के तकनीकी भी सीखता था। विशेष बात यह है कि वह अकेले ही सारे जगहों पर घटना को अंजाम देता था।


आईजी ने की 25 हजार रूपये इनाम देने की घोषणा

जिस दिन सरगुजा के नए आईजी अजय यादव ने पदभार संभाला था उसी दिन बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। आईजी ने भी पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द ही इस मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम की सक्रियता से जल्द से जल्द मामले का खुलासा होने पर आईजी ने 25 हजार रूपए इनाम की घोषणा की है। मामले की खोजबीन में एसपी अमित कांबले, एएसपी विवेक शुक्ला, सीएसपी सीएस पैंकरा, एसडीओपी अखिलेश कौशिक के साथ कोतवाली के वर्तमान व पूर्व थाना प्रभारियों के साथ लगभग 50 पुलिस कर्मियों की टीम लगी थी और बेहतर टीम वर्क के कारण अंततः पुलिस को सफलता मिली है।


पोस्ट ऑफिस का डीवीआर तालाब से गोताखोरों ने निकाला

आज सिटी कोतवाली पुलिस ने हाल ही में मुख्य डाकघर में हुई चोरी की घटना में भी आरोपी रवि रजक के द्वारा स्वीकार करने के बाद बाबू पारा स्थित जोड़ा तालाब से गोताखोरों की मदद से 2 घंटे तक तालाब में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ गोताखोरों को फेंके का डीवीआर की खोज कर निकालकर बरामद किया।


कार्रवाई में रह शामिल

कोतवाली टीआई निरीक्षक अनूप एक्का, निरीक्षक दिलबाग सिंह, निरीक्षक कमलेश्वर भगत, निरीक्षक राहुल तिवारी, निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, निरीक्षक एल्सि्क लकडा, उप निरीक्षक अशोक मिश्रा, उप निरीक्षक ओम प्रकाश यादव, उनि निरीक्षक शिशिरकांत, उनि निरीक्षक विद्वाभूषण, उप निरीक्षक अनिता आयाम उप निरीक्षक रश्मी सिंह सउनि विनय सिंह, उप निरीक्षक सुरजन राम पोर्ते, सउनि भुपेश सिंह, सउनि सरफराज फिरदौसी, सउनि डाकेश्वर सिंह, सउनि अजीत मिश्रा, प्रआर धीरज गुप्ता, प्रआर शत्रुधन सिंह, प्रआर सुधीर सिंह, प्रआर धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, प्रआर अजय पाण्डेय, विरेन्द्र पैकरा, विकाश सिंह, राकेश शर्मा, अभय चौबे, राहुल सिंह, इजहार अहमद, सुर्येश पैकरा रूपेश महत, समीनुल फिरदौसी आलोक गुप्ता, अतुल सिंह, देवेन्द्र पाठक, जानकी प्रसाद शामिल रहे।


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