नई दिल्ली @प्रधानमंत्री का विरोध करने वालों को सिखों से जोड़ना निन्दनीय

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नई दिल्ली 06 जनवरी 2022( ए )। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष कुलवंत सिंह बाठ, सदस्य हरिन्दरपाल एवं परमजीत सिंह राणा के द्वारा पंजाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध को सिखां के साथ जोड़कर देखने की निन्दा करते हुए इसकी जांच की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी विषेष के नहीं बल्कि पूरे देष के प्रधानमंत्री हैं और उनका अगर किसी ने विरोध किया है तो सही नहीं है पर सोषल मीडीया पर इसे सिखों से जोड़कर पूरे सिख समाज को बदनाम करने की जो साजिष चल रही है उसकी हम निन्दा करते हैं।उपरोक्त नेताओं के द्वारा संयुक्त ब्यान में कहा गया कि सिखों से बड़ा देष भग्त और कोई नही हो सकता इतिहास गवाह है कि देष की आजादी में 80 प्रतिषत से अधिक कुर्बानियां अकेले सिखों की रही हैं पर आज कुछ लोग हैं जो बिना वजह सिखों को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का अगर विरोध हुआ यां उनकी सुरक्षा में कोई चूक हुई तो उसकी जांच सरकार को करनी चाहिए पर इस घटना पर उ0प्र0 के एक विधायक यां अन्य जो लोग इसे सिखों के साथ जोड़कर सिख समाज के लिए आपतिजनक शब्दावली का प्रयोग कर रहे हैं उसे किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं किया जा सकता। कुलवंत सिंह बाठ ने बताया कि इस बाबत एक षिकायत भी उनके द्वारा की जा रही है और जो भी बनती कानूनी कार्यवाई होगी वह भी इनके खिलाफ की जायेगी। सः बाठ ने कहा कि इसके पीछे हो सकता है कि वह लोग शमिल हों जो कि नहीं चाहते कि पंजाब में अमन षान्ति कायम रहे और पंजाब तरक्की की राह पर अग्रसर हो, ऐसे लोगों से सुचेत रहने की आवष्यकता है।


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