रायपुर @ सनातनी तृतीय समुदाय ने किया कालीचरण का विरोध

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रायपुर, 29 दिसंबर 2021 (ए)। स्वयंभू कालीचरण का मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर तृतीय लिंग सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट तक जा पहुंचा। थर्ड जेंडर का सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट की प्रमुख आचार्य राधाचरण दासी उर्फ रवीना बरिहा एवं उनके समस्त सामुदायिक पदाधिकारियों ने कालीचरण महाराज के बयान की कड़ी भर्तस्ना करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
आचार्य राधाचरण दासी (रवीना बरिहा) ने कहा कि वैचारिक मतभेदों को प्रकट करने का सभ्य तरीका भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि कालीचरण ने सभ्यता की सीमा को भी तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म को सबसे बड़ा खतरा दूसरे धर्म से नहीं बल्कि हिंदू समाज के अंदर व्याप्त छुआछूत, जातिवाद और प्रमाणित धर्मशास्त्रों के प्रति जागरूकता के अभाव के कारण है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के मूल कारणों से ध्यान हटाने के लिए कालीचरण जैसे पाखंडी छुपे एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने सभी लोगों से ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहना को कहा है। बापू को इन कार्यों की याद दिलाकर दी चुनौती
तृतीय लिंग सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट के अन्य सदस्य कृष्णा मुनि ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में सभी क्रांतिकारियों के साथ महात्मा गांधी का भी महत्वपूर्ण योगदान है। राधाचरण दासी ने कहा कि कालीचरण महाराज को इतिहास की थोड़ी सी भी समझ नहीं है। उन्होंने कहा, सत्याग्रह आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक सत्याग्रह, बारडोली सत्याग्रह, हरिजन उद्धार आंदोलन, चंपारण आंदोलन जैसे अनेक आंदोलनज्. नाथूराम गोडसे ने नहीं किया बल्कि इन सभी आंदोलन का नेतृत्व गांधी जी ने किया था।


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