अम्बिकापुर @सीपीएम ने कृषि बिल वापसी को लोकतंत्र विजय दिवस के रूप में मनाया

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अम्बिकापुर 21 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। 19 नवंबर 2021 को अंबिकापुर में सीपीएम द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि बिल वापसी को लोकतंत्र विजय दिवस के रूप में मनाया गया ।इस अवसर पर पार्टी द्वारा 20 नवंबर 2021 को स्थानीय घड़ी चौक खुशी का इजहार करते हुए आम सभा किया गया आम सभा को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी राज्य समिति के बाल सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि कृषि बिल 2020 किसान विरोधी, जनविरोधी देश विरोधी था ।इन कानूनों के द्वारा देश की कृषि को पूंजीपतियों के हवाले करने का षड्यंत्र रचा गया था। जिसे किसानों एवम देश की जनता ने विफल कर दिया ।26 नवंबर 2021 को शुरू हुआ आंदोलन पूरे देश में फैल गया ।दिल्ली के आसपास लाखों लाख किसान 1 वर्ष से धरना प्रदर्शन कर रहे थे ।इस आंदोलन में कोई 750 किसान शहीद हुए ।कुछ किसानों को तथा एक पत्रकार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा कुचल कर मार डाला गया जिससे पूरे देश में रोष व्याप्त हो गया था। आम सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सीपी शुक्ला ने कहा कि 19 नवंबर 2021 भारतीय इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इस दिन लोकतंत्र की विजई हुई ।और तानाशाही की हार हुई है यह विजय किसी एक व्यक्ति एक संस्था अथवा केवल किसानों की नहीं बल्कि पूरे जनता की विजय है ।इस आंदोलन को समाज के सभी वर्गों का वयापक समर्थन मिला ।यह दिवस को लोकतंत्र विजय दिवस के रूप में याद किया जाएगा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रश्न किया की जो 750 किसान शहीद हुए हैं क्या उनकी भरपाई नरेंद्र मोदी कर पाएंगे यदि पहले ही यह कानून या तो पास ही नहीं किए गए होते या पास किए तो तत्काल अपनी गलती मानते हुए वापस ले लिए गए होते तो इतनी जाने नहीं गई होती। इसके लिए नरेंद्र मोदी को जिम्मेदारी लेनी होगी सीपी शुक्ला ने किसानों द्वारा चलाए जा रहे धीरज पूर्ण, साहस पूर्ण आंदोलन के लिए किसानों की सराहना की और आभार जताया ।वे किसान जो इस आंदोलन में भाग लिए तथा वे किसान संगठन और उनके नेता जिन्होंने धैर्य, साहस का परिचय देते हुए आंदोलन को सुचारू ढंग से चलाया वे सभी देश के लिए गौरव है उन पर हमें नाज है उन्होंने सहीद किसानों को सभा की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मांग किया कि मोदी सरकार उनके एक व्यक्ति को शासकीय सेवा में ले और कम से कम 50,5000000 मुआवजा प्रदान करें, उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान करें तथा उनके नाम पर एक शहीद स्मारक राजधानी दिल्ली में बनाया जाए सभा का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सुरेंद्र सिंह नेटी द्वारा दिया गया।


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