बैकु΄ठपुर @शिकायत के बावजूद पुलिस कर्मचारी को नहीं दिला पाई वाहन

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कर्मचारी का आरोप मालिक ने मेरी पीकप वाहन को गोदाम में किया खड़ा,वाहन दिलाने पुलिस से गुहार,मामला नगर के बहुत बड़े व्यवसाई का

बैकु΄ठपुर 20 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ शहर के बड़े व्यव्सायी पर मनेंद्रगढ़ शहर के अहमद कालोनी निवासी पति-पत्नी रामनिवास जायसवाल शशिकला जायसवाल ने अपने अपने नाम से परिवहन विभाग में पंजीकृत व अपने अपने स्वामित्व की दो महिंद्रा पीकप वाहन को जब्त कर अपने चैनपुर सीमेंट गोदाम में रखने का आरोप पुलिस अधीक्षक कोरिया पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मनेंद्रगढ़ को शिकायतपत्र लिखकर लगाया है। कर्मचारी ने कहा 20 साल की सेवा में नहीं किया गलत काम, फिर भी पीकप जब्त कर लगया वित्तीय अनियमितता का आरोप।
मनेंद्रगढ़ शहर के बड़े व्यव्सायी पवन फरमानिया पर पति पत्नी रामनिवास जायसवाल, शशिकला जायसवाल ने आरोप लगाते हुए अपने द्वारा पुलिस अधीक्षक कोरिया व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मनेंद्रगढ़ को प्रस्तुत शिकायत पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि दोनों की ही महिंद्रा पीकप जिसका परिवहन विभाग में क्रमशः पंजीयन क्रमांक सीजी 16 सीएच 1608 व सीजी 12 एपी 5988 है जो चोलामंडलम फायनेंस कम्पनी से आर्थिक सहायता प्राप्त है को जबरन मनेंद्रगढ़ निवासी व व्यव्सायी ने अपने कब्जे में कर रखा है जबकि उनके परिवार के जीविकोपार्जन का यही वाहन ही सहारा है। वहीं पति-पत्नी अहमद कालोनी निवासी मनेंद्रगढ़ रामनिवास जायसवाल शशिकला जायसवाल ने यह शिकायत अक्टूबर माह में लिखित रूप में प्रस्तुत की है और अभी तक इसपर कार्यवाही नहीं कि जा सकी है क्योंकि मामला शहर के बड़े व्यव्सायी से जुड़ा हुआ है और व्यव्सायी के प्रभावशाली व्यक्ति होने की वजह से पुलिस भी फूंक फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। पूरे मामले में जो बातें सामने आ रहीं है उसके अनुसार रामनिवास जायसवाल स्वयं व्यव्सायी के यहां कार्यरत था वहीं व्यव्सायी ने रामनिवास जायसवाल पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाकर ही उसके और उसकी पत्नी की वाहनों को अपने पास जब्त कर रखा है, जबकि रामनिवास जायसवाल का यह कहना है को उसने किसी प्रकार की कोई अनियमितता आज तक नहीं कि और वह अपने और अपनी पत्नी के नाम की वाहनों को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी से आर्थिक सहायता प्राप्त कर खरीद सका है। शिकायतकर्ता पति पत्नी ने अपनी गुहार वीडियो संदेश के माध्यम से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर न्याय की गुहार लगाई है और अपनी आप बीती सार्वजनिक की है।


शिकायत मिली इसमें जांच हो रही है गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं कुछ गवाह बचे हुए हैं जिनका बयान होना है एक-दो दिन में जांच पूरी हो जाएगी उसके बाद कार्यवाही के प्रक्रिया की जाएगी, मामला पैसे लेनदेन से जुड़ा हुआ है इसलिए पूछता जारी है।
सचिन सिंह
थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़


गाड़ी खड़ा करने का आरोप गलत लगाया गया है, स्वयं से उसके ड्राइवर ने गाड़ी खड़ा किया था, गाड़ी अभी थाने में खड़ी है दुकान में काम करते हुए उसने कई अनियमितता की थी जिसकी शिकायत भी मेरे दवरा थाने में दर्ज कराई गई है, इस की चोरी पकड़ी गई तो इसने खुद मेरे सामने आ कर गिडगिडा रहा था कि आप मेरे खिलाफ कार्रवाई मत कराइए जो भी है मैं को सब वापस कर दूंगा और सब कुछ सच-सच बताऊंगा जिसके रहा चोरी का समान भेजा था वह खुद समान मेरे को वापस किया।
पवन फरमानिया
व्यव्सायी मनेंद्रगढ़


इस मामले से जुड़े कुछ सवाल

सवाल- क्या आर्थिक अनियमितता कर्मचारी ने व्यव्सायी के यहां कार्य करने के दौरान की तो व्यव्सायी ने लिखित शिकायत पुलिस विभाग में नियमानुसार की क्या?
सवाल- यदि नहीं कि तो क्यों नहीं कि, जबकि शिकायत की जानी थी?
सवाल- क्या शिकायत किये बगैर गैरकानूनी तरीके से किसी के वाहन को अपने कब्जे में रखने का अधिकार कानून किसी को देता है?
सवाल- यदि नहीं तो किस अधिकार के तहत व्यव्सायी ने किसी व्यक्ति व उसकी पत्नी के स्वामित्व की वाहन को अपने कब्जे में कर रखा है?
सवाल- यदि व्यवसाई ने वित्तीय अनियमितता को लेकर कर्मचारी के विरुद्ध थाने में दर्ज कराई शिकायत तो आखिर अब तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
सवाल- कर्मचारी सही या व्यवसाई कैसे सुलझाए की पुलिस यह भी बहुत बड़ा सवाल, पुलिस का झुकाव किधर है?


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