रायपुर@3 साल बाद दिशा की बैठक,मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री ने की केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा

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हाइवे का काम ठप्प,केंद्र को भेजेंगे प्रस्ताव


रायपुर,09 नवम्बर 2021(ए)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य स्तरीय दिशा समिति (डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) की बैठक हुई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, सांसद रामविचार नेताम, सांसद गुहाराम अजगले सहित कई विधयक भी बैठक में शामिल रहे। इस दौरान केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा हुई। बताया गया, प्रदेश में राजमार्गों का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
बैठक में तय हुआ कि छत्तीसगढ़ से होकर निकलने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों विशेषकर बिलासपुर से कटघोरा होकर अंबिकापुर और रायगढ़ से पत्थलगांव-कुनकुरी से जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य में तेजी लाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जाए। इन राजमार्गों का निर्माण और रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (हृ॥्रढ्ढ) के जिम्मे है।
बाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रेस से चर्चा में कहा, यहां राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। केंद्र सरकार ने जिन ठेकेदारों को काम दिया वे या तो बैंकरप्ट हो गए, या सबलेटिंग किए। वे काम नहीं कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के राजमार्गों का काम बंद पड़ा है। खासकर बिलासपुर से कटघोरा, अंबिकापुर, रायगढ़-पत्थलगांव-कुनकुरी राजमार्ग का काम पूरी तरह ठप है। इसके बारे में विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा जा रहा है कि इन सड़कों का काम शुरू कराना जरूरी है। इस बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, डिजिटल इंडिया, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, यूनिफाइड वाटर शेड मैनेजमेंट प्रोग्राम, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर प्रोग्राम, स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई।

मनरेगा को कृषि से जोड़ने की बात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मनरेगा को कृषि कार्यो से जोड़ा जाना चाहिए। वर्तमान में इस योजना के तहत भूमि समतलीकरण और तालाब निर्माण के कार्य प्रमुखता के साथ कराए जा रहे हैं। मनरेगा से निंदाई, फसल कटाई के कार्य भी यदि कराए जाए तो उससे किसानों को सहायता मिलेगी और उत्पादन लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए तथा अनुसूचित क्षेत्रों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंक की नई शाखाएं खोलने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।


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